Saturday, July 31, 2021

अब आपके बच्चोको ये भी पढना (सीखना ) जरूरी है !

 ये केवल एक सुझाव है । इसे पढ़कर समझना और नासमझ ना ये दोनो ही आपपे निर्भर करता है ।

देशको आजादी मिले करिब चौरासी (८४) साल हो गए फिर भी अभि तक हमारे देश तरक्की की (Developing Country) राह पर ही है । अभितक हमारे देशने पुरी तरह से तरक्की हासिल नही कि है । और इन सभी का कारण है देश को मिली शिक्षा, जो हम लोगोके लिए छोड़ दिए गए थे । हम सभी उसी राह पर चलते रहे और केवल नौकरी के लिए हम सभी लडते रहे मरते रहे । हम नोकर बनने के लिए खुसी खुसी मरमीटते थे और आज भी हम नोकर बनने के लिए तैयार है । क्या करे सोच ही ऐसी बन गई है । कभी किसी ने देशके लिए नही सोचा । और जिसने भी सोचा केवल अपने निजी फायदे के लिए ही सोचा । जो पैसेवाले थे वे तो और पैसेवाले बनगए, जो गरिब थे वे और गरिब बनगए । और हा हमारे देशमे एक और कार्यक्रम होते है, और वो है आन्दोलन । हम लोग आन्दोलन करते समय कितने लाखो-करोडो की सम्पत्ति नष्ट कर देते है । ये कभि नही सोचते । वैसे तो सोचने की क्षमता तो है पर क्या करे ये आन्दोलन कारियो के प्रोटोकॉल (Protocol) मे नही होते । क्योंकि उन सभी का विषय  (Agenda) ही देश की तरक्की को रोकने का । पता नही कि इतनी सारी आन्दोलन क्यो होते है ? अपने घरको ही क्यों जलाता है? क्या वजह है ऐसा होनेका? कौन करता है और कौन कराता है? क्यो इतनी नफरत पालते है लोग अपने अन्दर ताकि सारा देश ही रूक जाए । तो ये सब भी कुछ हद तक का कारण है जो देशको तरक्की की राह से पिछे खींचनेका । चलिए ये सब तो होता रहता है मगर अब हम क्या करे अपने बच्चो के शिक्षाके लिए? क्या उपाय है जो कि अपने बच्चे को सही राह मिल जाए ?

आइए इसे जान लेते है ।

चाहे जानकर हो या अनजाने मे, आजकी समय हम सभी यानि सारी दुनिया  टेक्नोलॉजी (Technology) से घिरे हूए है । दुनियाॅ के कोई भी कोने जाए आप टेक्नोलॉजी से छुप नही पायेंगे । अभी तो इतनी सारी टेक्नोलॉजी की तरक्की देखनेको मिल रहे है तो आप ही अन्दाजा लगाए कि आपके बच्चो की समय तक दुनियाॅ का क्या रंग होंगे । अबके १५ से २० साल के बाद ये दुनिया किसी और लेवल चलि जाएगी । ये कागज पर लिखना, रटटा मारमार कर पाठ को याद करना सब खतम हो जाएगे । हम, आप ये सब जानते है कि एक दिन ऐसा होगा फिर भी हम लोग उसे देखना नही चाहते बस वही पे पडे है । क्यो के बुनियाद ही ऐसी बनी है । पर अब हम सबको सोचना होगा कि क्या सही और क्या गलत ताकि आने वाले नसलो को सही दिशा दे सके । 

मेरा तो यही मानना (सुझाव ) है कि अपने बच्चे को हर सम्भव टेक्नोलॉजी की तरफ उनकी दिलचस्पीको बडाया जाए और उन्हे अभी से ही एक ऐसा रूप दे ताकि भविष्य मे किसी से हार न मिले । अभी तो यही टेक्नोलॉजी के कारण ऑनलाइन पे हर तरह के टेक्नोलॉजी के उपर कोर्स  करने का मौका मिलता है उस तरफ उनकी रूचि बनाए । अगर इसमे भी कुछ नही करपाता तो  घबराए नही बल्की और करने की, कुछ और बनाने की हौसला दे । उनके अन्दर की कला को निखार दे । क्या रूचि है उसमे, उसे समझे, उसके सपने मे आपके सपनेको मत घुसेढ दे । आप ये समझले की आपके सपने और आपके बच्चो के सपने कभी मेल नही खाते । और यह भी जरूरी नही है कि आप जो देखे वह भी वही देखे । यह भी जरूरी नही कि आपने कैसे पढे थे वह भी वैसे ही पढे । ऐसे तो आप अपने बच्चे को कुछ नही बना रहे हो केवल तोता बना रहे हो ताकि आपके दिमाग के मुताबिक बोले, काम करे । उसकी अपनी दिमाग का इस्तेमाल ही न करे । ऐसे तो वे एक पढा लिखा जाहिल बन जाएगा । अगर आपका ऐसा सपना है तो मूझे कुछ नही कहेना और ये सुझाव भी आपके लिए ठीक नही बैठता ।







वाकई मे आप अपने बच्चो के बारे कुछ करना चाहते हो तो उनके जीवन मे  क्रिएटिविटी (Creativity) का एक नाव बनाकर उसपर उसे बिठादो ताकि उस नाव के सहारे बड़ी सी नदिया भी पार कर जाए । उन्हे कुछ बनने की या कुछ नया बनाने की जज्बा दे । अगर इनमे से किसी एक मे भी आपके बच्चो की रूचि लग गई तो देखना उनकी जिंदगी दौड़ेगे नही बल्कि उड़ान भरेंगे और आसमा को चुमेंगे ।

        


आपके मित्र, 

गोपाल ।






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